ज़मीं पे अगरचे जवाँ और भी हैं हमारी तरह के कहाँ और भी हैं तुम्हारी नज़र के अलावा भी हमदम ज़माने में तीर-ओ-कमाँ और भी हैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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ग़म-ज़दा गीत गुनगुनाना है हाल-ए-दिल आप को सुनाना है
Navneet krishna
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यक़ीं किस तरह कोई उनपे करेगा वो खाते हैं झूठी क़सम देखते हैं नहीं जिस की ता'बीर कोई जहाँ में वही ख़्वाब हम ऐ सनम देखते हैं
Navneet krishna
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क्या थे क्या आज हो गए हैं हम याद-ए-जानाँ में खो गए हैं हम पेड़ पर फल ज़रूर आएगा प्यार के बीज बो गए हैं हम
Navneet krishna
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वो यूँँ नगमा सुनाता है मुझे पागल बनाता है सदाएँ ले के ग़ैरों से हमेशा धुन सुनाता है
Navneet krishna
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तुम तो ऊँचे घराने से हो हम ही मुफ़लिस सनम रह गए
Navneet krishna
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