तुम तो ऊँचे घराने से हो हम ही मुफ़लिस सनम रह गए
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किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
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कौन सी बात है तुम में ऐसी इतने अच्छे क्यूँँ लगते हो
Mohsin Naqvi
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यक़ीं किस तरह कोई उनपे करेगा वो खाते हैं झूठी क़सम देखते हैं नहीं जिस की ता'बीर कोई जहाँ में वही ख़्वाब हम ऐ सनम देखते हैं
Navneet krishna
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इक इंक़लाब नया आज हो गया है क्या मुझे ज़माने ने ख़ुद ही बदल दिया है क्या
Navneet krishna
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नज़र के सामने से फिर नया मंज़र गया है दिल लिए जम्बील हाथों में कहाँ दर-दर गया है दिल
Navneet krishna
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ग़म-ज़दा गीत गुनगुनाना है हाल-ए-दिल आप को सुनाना है
Navneet krishna
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घुट-घुट के जिए मर न सके हाए रे क़िस्मत इस दौर में जीना भी मेरी जान कला है
Navneet krishna
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