घुट-घुट के जिए मर न सके हाए रे क़िस्मत इस दौर में जीना भी मेरी जान कला है
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बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
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हुस्न बला का क़ातिल हो पर आख़िर को बेचारा है इश्क़ तो वो क़ातिल जिस ने अपनों को भी मारा है ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी
Jaun Elia
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वो मेरे चेहरे तक अपनी नफरतें लाया तो था मैं ने उस के हाथ चू में और बेबस कर दिया
Waseem Barelvi
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अब हमें देख के लगता तो नहीं है लेकिन हम कभी उस के पसंदीदा हुआ करते थे
Jawwad Sheikh
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हम को मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं हम से ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहीं
Jigar Moradabadi
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ग़म-ज़दा गीत गुनगुनाना है हाल-ए-दिल आप को सुनाना है
Navneet krishna
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उस ने बुलवाया मुझे जाना पड़ा बे-सबब ही मुझ को मुस्काना पड़ा
Navneet krishna
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यक़ीं किस तरह कोई उनपे करेगा वो खाते हैं झूठी क़सम देखते हैं नहीं जिस की ता'बीर कोई जहाँ में वही ख़्वाब हम ऐ सनम देखते हैं
Navneet krishna
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मुझ को ये नज़र आया के वो एक बला है कुछ ख़्वाब है कुछ अस्ल है कुछ तर्ज -ए- अदा है वो ग़ैर की आग़ोश में रहने लगा शादाँ उस को नहीं मालूम के दिल मेरा जला है
Navneet krishna
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ठाट से चलोगे क्या ख़ाक में पलोगे क्या साथ हो हमेशा का दूर तक चलोगे क्या
Navneet krishna
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