ज़िंदा रखने को ख़्वाहिशें उन की दफ़्न सब अपनी हसरतें कर दीं
Related Sher
तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
357 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
वो मेरे चेहरे तक अपनी नफरतें लाया तो था मैं ने उस के हाथ चू में और बेबस कर दिया
Waseem Barelvi
101 likes
हाल ये है कि अपनी हालत पर ग़ौर करने से बच रहा हूँ मैं
Jaun Elia
85 likes
लिख के उँगली से धूल पे कोई ख़ुद हँसा अपनी भूल पे कोई याद कर के किसी के चेहरे को रख गया होंठ फूल पे कोई
Sandeep Thakur
77 likes
More from Wasif Quazi
वो समझते हैं जिस को दिल मेरा उन की यादों की क़ब्रगाह है वो
Wasif Quazi
0 likes
उन पे कुछ शे'र जब कहे मैं ने मेरी ग़ज़लों में जान तब आई
Wasif Quazi
0 likes
राब्ता नींद का रातों से सँवर जाएगा ख़्वाब उन का मेरी आँखों में उतर जाएगा
Wasif Quazi
0 likes
इतनी शिद्दत से सुन रहे हो मुझे दर्द भी मेरा सुन लिया होता
Wasif Quazi
0 likes
दिलचस्पी मुझ को कैसे हो सुर और साज़ में उलझा हुआ हूँ मैं, तिरी ज़ुल्फ़ ए दराज़ में
Wasif Quazi
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Wasif Quazi.
Similar Moods
More moods that pair well with Wasif Quazi's sher.







