ज़िन्दाबाद करो उस आशिक़ का जो ज़ंजीरों में भी हँस कर बोल रहा पायल की छम छम ज़िन्दाबाद रहे
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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जीत कर लंका हुए वापस अयोध्या राम और एक अरसे से बुझे दीपक सभी जलने लगे
Atul K Rai
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चलेंगे आख़िरी तक साथ कहते हैं बहुत लेकिन बहुत कम लोग हैं जो आख़िरी तक साथ चलते हैं
Atul K Rai
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ज़ुदा हम हो गए अफ़सोस कैसा फ़लक धरती से कब लिपटा दिखा है
Atul K Rai
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नया पंचाँग टँग जाएगा घर में गुज़रते ही पुराना साल प्यारे
Atul K Rai
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नई पीढ़ी को आख़िर कौन कल रस्ता दिखाएगा बग़ीचे में पुराने पेड़ का होना ज़रूरी है
Atul K Rai
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