sherKuch Alfaaz

ज़िन्दगी तू आज़माना छोड़ दे मौत से कह दे बहाना छोड़ दे फूँकने के काम वो आता मकाँ जब परिंदा आशियाना छोड़ दे यार क़िस्मत से भी भागा है कोई बे-सबब आँसू बहाना छोड़ दे छोड़ दूँ उस की गली उस का नगर वो मिरे ख़्वाबों में आना छोड़ दे यार तू माता-पिता को रब समझ हर कहीं भी सर झुकाना छोड़ दे फूल के बदले जहाँ काँटे मिलें ऐसे तू रिश्ते निभाना छोड़ दे चाँद पाने के लिए नादाँ 'धरम' हो सके तो कसमसाना छोड़ दे

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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया

Tehzeeb Hafi

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दो गज़ सही मगर ये मेरी मिल्कियत तो है ऐ मौत तू ने मुझे ज़मींदार कर दिया

Rahat Indori

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उस को भुला कर मुझ को ये मालूम हुआ आदत कैसी भी हो छोड़ी जा सकती है

Nadeem Shaad

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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है

Tehzeeb Hafi

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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त

Ali Zaryoun

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