ghazalKuch Alfaaz
हम अपने दुख को गाने लग गए हैं मगर इस में ज़माने लग गए हैं किसी की तर्बियत का है करिश्मा ये आँसू मुस्कुराने लग गए हैं कहानी रुख़ बदलना चाहती है नए किरदार आने लग गए हैं ये हासिल है मिरी ख़ामोशियों का कि पत्थर आज़माने लग गए हैं ये मुमकिन है किसी दिन तुम भी आओ परिंदे आने जाने लग गए हैं जिन्हें हम मंज़िलों तक ले के आए वही रस्ता बताने लग गए हैं शराफ़त रंग दिखलाती है 'दानिश' कई दुश्मन ठिकाने लग गए हैं
Madan Mohan Danish27 Likes







