आबाद हुए शहर में शमशान हज़ारों क़ातिल तेरे शमशीर के एहसान हज़ारों जो आप चले आए सरे बाम क़सम से होने लगे कुर्बान दिलो जान हज़ारों
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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ग़म-ज़दा गीत गुनगुनाना है हाल-ए-दिल आप को सुनाना है
Navneet krishna
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उस ने बुलवाया मुझे जाना पड़ा बे-सबब ही मुझ को मुस्काना पड़ा
Navneet krishna
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मुझ को ये नज़र आया के वो एक बला है कुछ ख़्वाब है कुछ अस्ल है कुछ तर्ज -ए- अदा है वो ग़ैर की आग़ोश में रहने लगा शादाँ उस को नहीं मालूम के दिल मेरा जला है
Navneet krishna
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दिल मेरा बेक़रार सा रहने लगा है अब सौ सौ अज़ाब क़ल्ब ये सहने लगा है अब
Navneet krishna
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मेरा दिल इक फ़साना बना है टूटे दिल को लगाना पड़ा है
Navneet krishna
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