दिल मेरा बेक़रार सा रहने लगा है अब सौ सौ अज़ाब क़ल्ब ये सहने लगा है अब
Related Sher
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
किस ने दस्तक दी ये दिल पर कौन है आप तो अंदर हैं बाहर कौन है
Rahat Indori
141 likes
मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे
Ali Zaryoun
129 likes
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
More from Navneet krishna
ग़म-ज़दा गीत गुनगुनाना है हाल-ए-दिल आप को सुनाना है
Navneet krishna
0 likes
इक इंक़लाब नया आज हो गया है क्या मुझे ज़माने ने ख़ुद ही बदल दिया है क्या
Navneet krishna
2 likes
उस ने बुलवाया मुझे जाना पड़ा बे-सबब ही मुझ को मुस्काना पड़ा
Navneet krishna
2 likes
आप को अपना बनाना चाहता हूँ इक नई दुनिया बसाना चाहता हूँ आप को मैं आज़माना चाहता हूँ इक नया ये कारनामा चाहता हूँ
Navneet krishna
2 likes
इंसाँ के ज़मीरों को जला देती है ग़ुर्बत कुछ बात है दर उस का अँधेरे में खुला है
Navneet krishna
4 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Navneet krishna.
Similar Moods
More moods that pair well with Navneet krishna's sher.







