आज भी है तलाश तेरी यूँँ साँस को जिस्म चाहता जैसे
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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आईने आँख में चुभते थे बिस्तर से बदन कतराता था एक याद बसर करती थी मुझे मैं साँस नहीं ले पाता था
Tehzeeb Hafi
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे
Bashir Badr
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बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने
Zia Mazkoor
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ज़िंदगी तू एक जन्नत आज होती मैं तिरा जो इश्क़ होता काश पहला
Vinod Ganeshpure
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जो कुछ समझ लेना मगर कमज़ोर हूँ मत सोचना
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी की तलाश करता हूँ रोज़ हो कर हताश मरता हूँ
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी में बस तरक़्क़ी है ज़रूरी लोग वरना भाव देते ही नहीं हैं
Vinod Ganeshpure
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ये कमी मेरी बताए जा रही है ये नमी तेरी सताए जा रही है
Vinod Ganeshpure
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