आज मैं सज-सँवर के सोऊॅंगा आज मिलना है ख़्वाब में उस सेे
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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ज़िंदगी से चली गई लेकिन वो मेरे ज़ेहन से नहीं जाती
ABhishek Parashar
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ज़हरस इतने तो नहीं मरते लोग मरते हैं जितने तानों से
ABhishek Parashar
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क़त्ल करना था तीरगी का सो दिल जला कर की रौशनी मैं ने
ABhishek Parashar
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रात को नींद चैन से आती गर झगड़ते नहीं ख़यालों से
ABhishek Parashar
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उस का क्यूँँ इंतिज़ार करता मैं उस के वादे तो महज़ वादे थे
ABhishek Parashar
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