आज महसूस हुआ मुझ को शजर दौलत से जिस्म मिल जाते हैं पर दिल नहीं जीते जाते
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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ज़िंदगी को जो जाना तो ये जुज़ मिला ज़िंदगी दर्द है दर्द है ज़िंदगी
Shajar Abbas
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यूँँ लग रहा है क़तरा-ए-मय लब पर आप के जैसे किसी गुलाब की पत्ती पर ओस हो
Shajar Abbas
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यूँँ लग रहा है कू-ए-बुताँ में मुझे शजर जैसे मैं आज ख़ुल्द-ए-बरी में पहुँच गया
Shajar Abbas
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ज़र्द होने लगी है दस्त-ए-हिना लौट आओ शजर ख़ुदा के लिए
Shajar Abbas
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ज़ुल्म मज़लूमों पे ढाना छोड़ दो हक़ यतीमों का दबाना छोड़ दो ये नहीं कर सकते तो बेहतर है ये सर को सज्दे में झुकाना छोड़ दो
Shajar Abbas
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