आजकल साफ़ है हाथ उस का मिल न पाया जिसे लूटने को
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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ज़िन्दगी के मंच पर किरदार पूरा हो गया है ये सभी ताली बजाएँगे यक़ीं है अब हमें भी
Ganesh gorakhpuri
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जिसे है काटनी ता'उम्र सारी ज़िंदगी मेरी हमारा दिल हमारा ही नहीं सुनता परेशां है
Ganesh gorakhpuri
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पोशीदा के जैसे सपने झाँक रहे थे मिरे सभी शायद मिरे पिता आज भी पुराना कपड़ा पहने हैं
Ganesh gorakhpuri
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ताज को कब तक निहारूँ बैठ तन्हा या'नी मुझ को भी बनाओ संगमरमर
Ganesh gorakhpuri
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हमारे बा'द भी ये काफ़िला होगा नया बिल्कुल सितारा टूटने से आसमाँ ख़ाली नहीं होता
Ganesh gorakhpuri
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