पोशीदा के जैसे सपने झाँक रहे थे मिरे सभी शायद मिरे पिता आज भी पुराना कपड़ा पहने हैं
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कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
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इस से पहले कि तुझे और सहारा न मिले मैं तिरे साथ हूँ जब तक मिरे जैसा न मिले
Afkar Alvi
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उट्ठें वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं
Sahir Ludhianvi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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वस्ल का दिन अभी पूछ लो तुम हिज्र में रात काटी गई है
Ganesh gorakhpuri
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इश्क़ में डूबने का मज़ा और है तैरना सीख लें सब ज़रूरी नहीं
Ganesh gorakhpuri
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जो पीर मरहम को लगाता ज़ख़्म पर मारा गया जिस को भरोसा है ख़ुदा पर इश्क़ को जारी रखे
Ganesh gorakhpuri
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जो पीर मरहम को लगाता ज़ख़्म पर मारा गया जिस को भरोसा है ख़ुदा पर इश्क़ दोबारा करे
Ganesh gorakhpuri
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निभा लेगा यहाँ किरदार हर कोई ज़माने में पसीना छूट जाता है यहाँ रोटी कमाने में ख़ुदा जो भी नवाज़ेगा तुम्हें शोहरत इबादत में खड़े रहना सदा पीछे किसी को आज़माने में
Ganesh gorakhpuri
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