आख़िरी पन्ने पे बोलो क्या लिखूँ तुम यहाँ तक साथ तो आए नहीं
Related Sher
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
138 likes
More from Astitwa Ankur
सौ ज़ख़्म भर चुके हों मगर कह सकें ग़ज़ल इतनी कमी तो आज भी रहती है तेरे बिन
Astitwa Ankur
18 likes
ग़रीब लोग कहाँ ख़ुद को बचा पाएँगे वबास बच भी गए भूख से मर जाएँगे
Astitwa Ankur
21 likes
कम अगर हो भी गया कौन सी हद तक होगा दर्द है टूट के आधा तो नहीं हो सकता
Astitwa Ankur
25 likes
आज के दिन कभी सीने से लगाते थे तुम्हें और अब तुम को बधाई भी नहीं दे सकते
Astitwa Ankur
22 likes
ये हुनर जो आ जाए, आप का ज़माना है पाँव किस के छूने हैं, सर कहाँ झुकाना है
Astitwa Ankur
49 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Astitwa Ankur.
Similar Moods
More moods that pair well with Astitwa Ankur's sher.







