आँधियों से लड़ रहे हैं जंग कुछ काग़ज़ के लोग हम पे लाज़िम है कि इन लोगों को फ़ौलादी कहें
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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वो एक अश्क जो हासिल है ज़िंदगानी का तमाम उम्र के मंज़र निचोड़ कर निकला
Ameer Imam
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लुत्फ़ आता है बहुत सोच के मुझ को कि रक़ीब रंगत-ए-लब को तेरी पान समझते होंगे
Ameer Imam
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पूछ मुझ सेे कि तेरे होंठ पे तिल है क्यूँँ कर ऐसा नुक़्ता कहीं नादान समझते होंगे
Ameer Imam
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असर करती है कोई-कोई बात आहिस्ता आहिस्ता समझ में आते हैं कुछ मोजज़ात आहिस्ता आहिस्ता
Ameer Imam
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बे-सबब मरने से अच्छा है कि हो कोई सबब दोस्तों सिगरेट पियो मय-ख़्वारियाँ करते रहो
Ameer Imam
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