आँख आँसू को ऐसे रस्ता देती है जैसे रेत गुज़रने दरिया देती है कोई भी उस को जीत नहीं पाया अब तक वैसे वो हर एक को मौक़ा देती है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ
Fauziya Rabab
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कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे
Gulzar
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ख़्बाब आँखों में बंद कर लेते बात गर दिल की चंद कर लेते आप भी हो ही जाते दीवाने गर किसी को पसंद कर लेते
Sandeep Thakur
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ये मोहब्बत भी किन दिनों में हुई दिल मिलाने थे हाथ से भी गए
Kafeel Rana
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तुम को तो बस हुस्न के नंबर मिलते हैं उस का सोचो जिस को पढ़ना पड़ता है
Kafeel Rana
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उस को शहर की सड़कें अच्छी लगती हैं मेरा क्या है मुझ को चलना पड़ता है
Kafeel Rana
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कोई भी उस को जीत नहीं पाया अब तक वैसे वो हर एक को मौक़ा देती है
Kafeel Rana
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अपनी बाँहो से क्यूँँ हटाऊँ उसे सो रहा है तो क्यूँँ जगाऊँ उसे जो भी मिलता है उस का पूछता है यार किस किस से मैं छुपाऊँ उसे
Kafeel Rana
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