तुम को तो बस हुस्न के नंबर मिलते हैं उस का सोचो जिस को पढ़ना पड़ता है
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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उस को शहर की सड़कें अच्छी लगती हैं मेरा क्या है मुझ को चलना पड़ता है
Kafeel Rana
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अपनी बाँहो से क्यूँँ हटाऊँ उसे सो रहा है तो क्यूँँ जगाऊँ उसे जो भी मिलता है उस का पूछता है यार किस किस से मैं छुपाऊँ उसे
Kafeel Rana
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दूर इक सितारा है और वो हमारा है आँख तक नहीं लगती कोई इतना प्यारा है छू के देखना उस को क्या अजब नज़ारा है तीर आते रहते थे फूल किस ने मारा है
Kafeel Rana
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ये मोहब्बत भी किन दिनों में हुई दिल मिलाने थे हाथ से भी गए
Kafeel Rana
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जो कहता है वैसे करना पड़ता है इतना प्यारा है कि डरना पड़ता है आँखें काली कर देता है उस का दुख सब को ये जुर्माना भरना पड़ता है
Kafeel Rana
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