आँखें दिखलाते हो जोबन तो दिखाओ साहब वो अलग बाँध के रक्खा है जो माल अच्छा है
Related Sher
मंज़िलों का कौन जाने रहगुज़र अच्छी नहीं उस की आँखें ख़ूब-सूरत है नज़र अच्छी नहीं
Abrar Kashif
84 likes
वो आँखें बुझ चुकी होंगी नज़ारा हो चुका होगा 'अली' वो शख़्स अब दुनिया को प्यारा हो चुका होगा
Ali Zaryoun
79 likes
वो आँखें आप के ग़म में नहीं हुई हैं नम दिया जलाते हुए हाथ जल गया होगा
Shadab Javed
44 likes
दिखाते हैं पड़ोसी मुल्क आँखें तो दिखाने दो कहीं बच्चों के बोसे से भी माँ का गाल कटता है
Munawwar Rana
42 likes
अगर महबूब की आँखें है दुनिया तो मेरे पास फिर दुनिया नहीं है
Ritesh Rajwada
44 likes
More from Ameer Minai
कौन सी जा है जहाँ जल्वा-ए-माशूक़ नहीं शौक़-ए-दीदार अगर है तो नज़र पैदा कर
Ameer Minai
20 likes
अभी आए अभी जाते हो जल्दी क्या है दम ले लो न छेड़ूँगा मैं जैसी चाहे तुम मुझ से क़सम ले लो
Ameer Minai
21 likes
ख़ंजर चले किसी पे तड़पते हैं हम 'अमीर' सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है
Ameer Minai
26 likes
बाग़बाँ कलियाँ हों हल्के रंग की भेजनी हैं एक कम-सिन के लिए
Ameer Minai
26 likes
ऐ ज़ब्त देख इश्क़ की उन को ख़बर न हो दिल में हज़ार दर्द उठे आँख तर न हो
Ameer Minai
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ameer Minai.
Similar Moods
More moods that pair well with Ameer Minai's sher.







