आँखें भी और ख़्वाब भी रख लो ये लो ख़ुशबू गुलाब भी रख लो
Related Sher
चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
555 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
More from MIR SHAHRYAAR
जी ही जी में कई अहद-ए-वफ़ा करते-करते जी ही जी में वो कई बार मुकरता होगा जाने किस ध्यान में बैठा हुआ होगा वो शख़्स जाने किन रंगों से कमरे को वो भरता होगा
MIR SHAHRYAAR
0 likes
गजरा देखो कंगन देखो कैसी सजी है दुल्हन देखो उलझी उलझी खोई खोई कब से बैठी है बिरहन देखो
MIR SHAHRYAAR
0 likes
ज़माने से पड़े सूखे गुलाब देखोगी कोई किताब पढ़ोगी तो याद आऊँगा कभी मोहब्बतों की उलझी उलझी राहों पर जो तन्हा तन्हा चलोगी तो याद आऊँगा
MIR SHAHRYAAR
2 likes
तुझ को पहचानना ही मुश्किल है ये तेरा आईना नहीं मैं हूँ ये जो रहती है दिल में बेचैनी कोई और सानेहा नहीं मैं हूँ
MIR SHAHRYAAR
2 likes
किस तरह हम बिखर गए जानाँ सब दुआ बे-असर गए जानाँ मैं तो ख़ुश था मगर ये चारा-गर मुझ को बर्बाद कर गए जानाँ
MIR SHAHRYAAR
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on MIR SHAHRYAAR.
Similar Moods
More moods that pair well with MIR SHAHRYAAR's sher.







