तुझ को पहचानना ही मुश्किल है ये तेरा आईना नहीं मैं हूँ ये जो रहती है दिल में बेचैनी कोई और सानेहा नहीं मैं हूँ
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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जी ही जी में कई अहद-ए-वफ़ा करते-करते जी ही जी में वो कई बार मुकरता होगा जाने किस ध्यान में बैठा हुआ होगा वो शख़्स जाने किन रंगों से कमरे को वो भरता होगा
MIR SHAHRYAAR
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बहुत क़रीब भी हैं दूर दूर भी हैं बहुत तू मह है बाम पे मैं ज़ेर-ए-बाम हूँ जानाँ
MIR SHAHRYAAR
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किस तरह हम बिखर गए जानाँ सब दुआ बे-असर गए जानाँ मैं तो ख़ुश था मगर ये चारा-गर मुझ को बर्बाद कर गए जानाँ
MIR SHAHRYAAR
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कहाँ से आया है ये कौन है जो ऐसे शोर में भी मौन है नहीं बचने की गुंजाइश कोई यहाँ तो मूसा ही फिरऔन है
MIR SHAHRYAAR
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ज़रूरत थी बस बात करने की हम को मगर बात करने की फ़ुर्सत किसे है अब इस बस्ती में सब ख़ुदा बन गए हैं अब इक दूसरे की ज़रूरत किसे है
MIR SHAHRYAAR
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