आँखों की नम अलमारी में रक्खे रक्खे ख़्वाबों की ज़िल्दें सीलन से भीग गईं हैं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी में व्यस्त हूँ मैं आजकल कुछ इस तरह से साँस तक लेने में ज़ाया' हो रहा है वक़्त मेरा
Shiva awasthi
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वो तो काँधे पर सिर रख कर लौट गई पर गेसू अब भी मफ़लर से लिपटे हैं
Shiva awasthi
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रिश्ता हुआ तमाम तो पगली अना परस्त लौटा गई है तोहफ़े के कुंडल उतार के
Shiva awasthi
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मुझ को तो अच्छे लगते हैं दुविधा पीर उदासी आँसू
Shiva awasthi
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पर सजा के मैं उस के रखता हूँ जिस कबूतर को तुम ने चूमा था
Shiva awasthi
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