आँखों से आँसू न टपका दिल में तुग़्यानी रही जैसे बारिश हो न पाई पर घटा छाई बहुत
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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क्या हुईं वो क़ुर्बतें अहबाब को क्या हो गया आते-जाते मिल गईं आँखें तो मिलना हो गया
Dharmesh bashar
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अब भी कुछ ऐसे हैं गुलज़ार पुराने बाक़ी सामने जिन के है कम ताज़ा गुलाबों की महक सुन लिए कुहना तराने जो किसी बुलबुल के शोर से कम न लगेगी ये परिंदों की चहक
Dharmesh bashar
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जाएज़ा लेता है फ़ज़ाओं का हर परिंदा उड़ान से पहले
Dharmesh bashar
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तुझ से भी दूर ज़माने के तक़ाज़ों से भी दूर तेरा दीवाना ज़रा देख कहाँ जा निकला
Dharmesh bashar
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सुर्ख़ी की तलब ज़ेहन पे हो जाती है हावी किरदार बदल देता है अख़बार का साया
Dharmesh bashar
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