आँखों में हम ने भी कुछ सपने पाले हैं लेकिन उन सपनों पर पलकों के ताले हैं अपने रथ का ख़ुद ही सारथी बनना होगा इस युग में अब कृष्ण नहीं आने वाले हैं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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वो बहकर जब निकलती है हिमालय–आशियाने से उसी गंगा का होना मन–इलाहाबाद करता है
Vivek Vistar
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उस की आँखें याद हैं मुझ को उस का चेहरा याद नहीं है
Vivek Vistar
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तुम्हें मालूम अब हम ने यूँँ ही दिल से लगाना छोड़ दी दिलदार की बातें
Vivek Vistar
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यहाँ हम ने सँभाला होश है जबसे तभी से हो रहीं रफ़्तार की बातें
Vivek Vistar
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पिछला शे'र मुक़र्रर कर दो अगला मिसरा याद नहीं है
Vivek Vistar
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