तुम्हें मालूम अब हम ने यूँँ ही दिल से लगाना छोड़ दी दिलदार की बातें
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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उस की आँखें याद हैं मुझ को उस का चेहरा याद नहीं है
Vivek Vistar
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वो बहकर जब निकलती है हिमालय–आशियाने से उसी गंगा का होना मन–इलाहाबाद करता है
Vivek Vistar
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यहाँ हम ने सँभाला होश है जबसे तभी से हो रहीं रफ़्तार की बातें
Vivek Vistar
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लैला के ख़्वाब मरे हैं महलों में लेकिन मजनूँ को सड़कों पर पत्थर खाना होगा
Vivek Vistar
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लड़खड़ा कर तू गिरा तो क्यूँ रहे मायूस ख़ुद से कर परीक्षा उन परों की जो अभी खोले नहीं थे
Vivek Vistar
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