आँखों में उदासी के सबब और भी कुछ हैं पर लोग समझते हैं फ़क़त तेरा ही ग़म है
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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मैं ने कमरे से देख ली दुनिया तेरी तस्वीर सामने रख कर
Khalid Azad
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नाकामियों का बोझ न भारी पड़े मुझे तन्हाइयों से इस लिए डरने लगा हूँ मैं
Khalid Azad
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तुम्हारे ख़्वाब आँखों में सजा कर किसी दिल में ठिकाना कर रहे हैं
Khalid Azad
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ख़त्म होगा एक दिन ये भी सफ़र एक दिन सब राएगाँ हो जाएगा
Khalid Azad
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अब हद से गुज़र जाने का इमकान बहुत है लुटने को अभी इश्क़ में सामान बहुत है आँखों को सहूलत है उसे देख रही हैं इतनी भी सहूलत तो मेरी जान बहुत है
Khalid Azad
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