आँखों से आँखें मिलने दे ये दिल अफ़सुर्दा खिलने दे
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं सब के दिल से उतर गया हूँ मैं
Jaun Elia
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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ज़ुल्फ़ों में सजा मुझे लो अपनी तुम बना के गुल बन सदा-बहार मैं खिला रहूँगा साए में
Abha sethi
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ज़ीस्त की आभा मरम्मत में कई ख़ुशनुमा लम्हे जिए बिन बह गए
Abha sethi
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नाम तेरे ज़िंदगी अपनी यूँँ लिखते बन हँसी ता-उम्र तेरे लब पे दिखते
Abha sethi
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वतन महबूब अपना, इश्क़ शिद्दत से निभाते हम मुकर्रर इक न दिन है इश्क़ हर लम्हा जताते हम हैं था में हाथ रखते जान भी क़ुर्बान उस पर ही लिपट आँचल तिरंगे में फ़ना उस के हो जाते हम
Abha sethi
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ये इश्क़ ज़िंदा रखने को हैं टूट जाते गुल कई
Abha sethi
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