वतन महबूब अपना, इश्क़ शिद्दत से निभाते हम मुकर्रर इक न दिन है इश्क़ हर लम्हा जताते हम हैं था में हाथ रखते जान भी क़ुर्बान उस पर ही लिपट आँचल तिरंगे में फ़ना उस के हो जाते हम
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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ज़ीस्त की आभा मरम्मत में कई ख़ुशनुमा लम्हे जिए बिन बह गए
Abha sethi
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पाया न तुम्हें खो बैठे ख़ुद को ही हम पागल इस दिल ने भी की नादानी है
Abha sethi
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ज़रूरत नहीं इत्र की अब हमें ख़यालो से तेरे महक हम गए
Abha sethi
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क्या ही मज़ा बिन इन के भी सुख दुख ही तो जुद्रीन है
Abha sethi
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ये ज़िन्दगी ग़मगीन है ले साध वो परवीन है
Abha sethi
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