आओ मिल कर के बात करते हैं एक मुद्दत हुई है संगम को
Related Sher
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
575 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
More from Meem Maroof Ashraf
यही वो दिन था कि तुझ को गले लगाया था यही वो दिन था कि ख़ुदस बिछड़ गए थे हम
Meem Maroof Ashraf
0 likes
वो सर को फोड़ना ग़ालिब का समझा जो देखीं मैं ने दीवारें तुम्हारी
Meem Maroof Ashraf
0 likes
वो अय्याम-ए-ग़म-ए-माज़ी के लम्हे मिरे आँसू तिरा आँचल रहा है
Meem Maroof Ashraf
0 likes
फट जाएगा ऐसे तो हमारा जिगर 'अशरफ़' यक-दम न करे हम से किनारा उसे कहना
Meem Maroof Ashraf
0 likes
सोचता हूँ क्या मिरा बनता ख़ुदा के सामने गर न होता या रसूल अल्लाह सहारा आप का
Meem Maroof Ashraf
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Meem Maroof Ashraf.
Similar Moods
More moods that pair well with Meem Maroof Ashraf's sher.







