आप के दिल में छपा हूँ मैं यही काफ़ी है मुझ को अख़बार में छपने का कोई शौक़ नहीं
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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यही तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है मियाँ किसी को इल्म नहीं कल यहाँ पे क्या होगा
Ramnath Shodharthi
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रात दिन चूमते हो फूलों को मुझ में काँटे लगे हुए हैं क्या
Ramnath Shodharthi
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मुझ से इस बात पर ख़फ़ा है वो उस से मैं क्यूँ ख़फ़ा नहीं होता
Ramnath Shodharthi
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मुझ से पिंजरे की भी तौहीन नहीं होती है आप तौहीन किया करते हैं 'आज़ादी' की
Ramnath Shodharthi
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मुझ से दुनिया का हाल मत पूछो मैं ने ज़िम्मा लिया है दुनिया का
Ramnath Shodharthi
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