आप की महफ़िल में सब थे ख़ामुशी पहने हुए मेरे आते ही तमाशा-गर तमाशा किस लिए
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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उन दरख़्तों से दूर हो जाओ जिन दरख़्तों में छाँव होती है
ZARKHEZ
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ये तिरे हिज्र का करिश्मा है मैं ने काटा जो साल दिन भर में
ZARKHEZ
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इस जहाँ के सारे मंज़र उस की आँखों से छुए उस ने नज़रें फेर लीं तो मैं भी अंधा हो गया धीरे धीरे हो गई मसरूफ़ अपनी ज़िंदगी रफ़्ता रफ़्ता आशिक़ी का शौक़ पूरा हो गया
ZARKHEZ
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हमारी आँख में पहले तो मिट्टी झोंक जाएँगे वही फिर काँच के आँसू इकट्ठे करने आएँगे अगर ज़ाहिर करूँँगा आसमाँ पर ख़्वाहिशें अपनी मुझे इस बात का डर है सितारे टूट जाएँगे
ZARKHEZ
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वो एक लम्हा जो बेदारियों का ज़ामिन है जब आँख लगने लगे तब अज़ान देता है
ZARKHEZ
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