आप मेरी ग़ज़ल के लिए ठीक हैं क्यूँँ न मैं आप पर शे'र कहने लगूँ
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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सारी दुनिया पीछे होती तुम गर हम को इज़्ज़त देते
Prakamyan Gautam
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वैसे तो सब को अच्छा लगता है पर उस को ये फूल बुरा लगता है
Prakamyan Gautam
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यकसर रोने से दिल खुलता है खुलकर खुलकर नाचने से तो पाजे खुलते हैं
Prakamyan Gautam
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उस पैकर में शामिल है वो सब का सब जो जो लड़कों की कमज़ोरी होती है
Prakamyan Gautam
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कोई मिलता तो उस को बतलाते इतने रस्ते कोई साथ नहीं था
Prakamyan Gautam
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