आप अब सब्र करें बहर-ए-ख़ुदा मत रोएँ बेटियाँ रोती हैं तो बाप का दिल दुखता है
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
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पड़ी रहने दो इंसानों की लाशें ज़मीं का बोझ हल्का क्यूँँ करें हम
Jaun Elia
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मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
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तेरी निगाह-ए-नाज़ से छूटे हुए दरख़्त मर जाएँ क्या करें बता सूखे हुए दरख़्त हैरत है पेड़ नीम के देने लगे हैं आम पगला गए हैं आप के चू में हुए दरख़्त
Varun Anand
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ज़ुल्म मज़लूमों पे ढाना छोड़ दो हक़ यतीमों का दबाना छोड़ दो ये नहीं कर सकते तो बेहतर है ये सर को सज्दे में झुकाना छोड़ दो
Shajar Abbas
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ज़ुल्म की मिल के क़मर ऐसे करेंगे ख़म सब दूर हो जाएँगे ये अपने वतन से ग़म सब ख़्वाब अज्दाद ने जो देखा है इक दिन उस की देखना ख़ून से ता'बीर लिखेंगे हम सब
Shajar Abbas
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ज़िंदगानी की लूटकर ख़ुशियाँ ज़ख़्म-ए-दिल मुझ को दे गया है कोई मेरी आँखों की वो था बीनाई मेरी बीनाई ले गया है कोई
Shajar Abbas
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उतर न पाएगा ता उम्र इन के सर से जुनूँ ये नौजवान अगर देख लेंगे आँखें तेरी
Shajar Abbas
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ज़र्द होने लगी है दस्त-ए-हिना लौट आओ शजर ख़ुदा के लिए
Shajar Abbas
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