आप वाक़िफ़ नहीं इस फ़ज़ा से ये खुली ज़ुल्फ़ नाज़ुक नहीं है
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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नहीं होते मुफ़्लिस सुख़न-वर सभी कई साल दिल्ली 'ज़फ़र' की रही
Saurabh
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कुछ दिन बा'द तो ये भी न बोला जाएगा जो भी होगा आगे देखा जाएगा
Saurabh
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उम्र भर हम को यही इक काम दे दो देखने को रोज़ ढलती शाम दे दो
Saurabh
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जिन का भी पहनावा सादा होगा उन्हें बदन का इल्म ज़ियादा होगा
Saurabh
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शे'र पहले तो गुज़रते हैं अलम से बा'द उस के कुछ हुआ मेरी क़लम से
Saurabh
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