आशिक़ों के नगर में रहते हो या'नी मिट्टी के घर में रहते हो
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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ज़िन्दगी क़र्ज़ की तेरी साँसें सूद के साथ मैं चुका दूँगा
Saarthi Baidyanath
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ज़िंदगी गुदगुदी के जैसी है आप रोने लगोगे हँसते हुए
Saarthi Baidyanath
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तेरी उम्मीद की उम्मीद भी अब जा चुकी है मुहर्रम की तरह ये ईद भी अब जा चुकी है
Saarthi Baidyanath
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तरीक़ा जैसे अलग है सभी के हँसने का उसी तरह ही अलग रोने का तरीक़ा है
Saarthi Baidyanath
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यूँँ न सब को सलाम करने से काम बनता है काम करने से
Saarthi Baidyanath
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