आशना किरदार उस का ज़ेहन पे यूँँ नक़्श था रंग काग़ज़ पर गिरे तो ख़ुद अयाँ होते गए
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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काम आया तिरंगा कफ़न के लिए कोई क़ुर्बां हुआ था वतन के लिए सोचो क्या कर लिया तुम ने जी कर के दोस्त नस भी काटी तो बस इक बदन के लिए
Neeraj Neer
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तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा यूँँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो
Bashir Badr
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तेरे सिवा भी कई रंग ख़ुश नज़र थे मगर जो तुझ को देख चुका हो वो और क्या देखे
Parveen Shakir
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है किस को दस्तियाब भला ग़म-शनास शख़्स मुरझाए फूल पर कभी भँवरा न आएगा
Kaif Uddin Khan
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अगर मुलातफ़त का नाम दीन है बशर ख़ुदा से ना डरे ख़ुदा करे
Kaif Uddin Khan
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चलो माना ख़ुदा होना बहुत दुश्वार है लेकिन अगरचे सख़्त मुश्किल है महज़ इंसान होना भी
Kaif Uddin Khan
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कितनी सच्ची सज़ा मिली झूठी क़स में खाने पर
Kaif Uddin Khan
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मोहब्बत वो बला है तय है जिस में जान से जाना सुनो अच्छा नहीं होता किसी की जान होना भी
Kaif Uddin Khan
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