आसमाँ में टूटते तारे तो देखे हैं कई आज इक तारा ज़मीं पर देखा हम ने टूटते
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
More from Sourabh Ratnawat
पहले हम को घर बनाया फिर हमें खंडर बनाया
Sourabh Ratnawat
1 likes
हम को मिट्टी में मिला कर ख़ुद को कूज़ा-गर बनाया
Sourabh Ratnawat
1 likes
हम ने जंगल काट डाले बद-नुमा मंज़र बनाया
Sourabh Ratnawat
1 likes
दौड़ में जो था अकेला मात ख़ुदस खा गया वो
Sourabh Ratnawat
1 likes
दुश्मनों से मिल के उस ने इक नया लश्कर बनाया हार जब दुश्मन गया तो सुल्ह का अवसर बनाया
Sourabh Ratnawat
15 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sourabh Ratnawat.
Similar Moods
More moods that pair well with Sourabh Ratnawat's sher.







