अब इस घर की आबादी मेहमानों पर है कोई आ जाए तो वक़्त गुज़र जाता है
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
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तुम से हासिल हुआ इक गहरे समुंदर का सुकूत और हर मौज से लड़ना भी तुम्हीं से सीखा
Zehra Nigaah
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ख़ताएँ दोनों की यकसाँ थी पर त'अज्जुब है किसी को दाद मिली और किसी को रुसवाई
Zehra Nigaah
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हर फ़िक्र की अपनी मंज़िल थी हर सोच का अपना रस्ता था
Zehra Nigaah
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अब भी कुछ लोग सुनाते हैं सुनाए हुए शे'र बातें अब भी तिरी ज़ेहनों में बसी लगती हैं
Zehra Nigaah
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कहाँ के इश्क़-ओ-मोहब्बत किधर के हिज्र-ओ- विसाल अभी तो लोग तरसते हैं ज़िन्दगी के लिए
Zehra Nigaah
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