अब तो उस की याद भी आती नहीं है फूल रक्खा है अभी तक मैं ने जिस का
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हारी याद क्या आई ज़रा सी चमक चेहरे पे फ़ौरन आ गई फिर
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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ज़िंदगी भी ख़त्म होती ही नहीं और ये उदासी जान लेने पर तुली है
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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तुम्हारी याद क्या आई ज़रा सी चमक चेहरे पे फ़ौरन आ गई फिर
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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देखना कैसे समाएगी ये दुनिया एक दिन उस आदि-योगी की जटा में
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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हिज्र में चैन मुझ को मिलता है तेरी तस्वीर चूम लेने से
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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