अगर पर ही नहीं होंगे उड़ानें किस तरह होंगी कहाँ तक उड़ सकेंगे हौसलों से आसमानों में
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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तुम्हारे ख़्वाब आँखों में सजा कर किसी दिल में ठिकाना कर रहे हैं
Khalid Azad
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मैं ने कमरे से देख ली दुनिया तेरी तस्वीर सामने रख कर
Khalid Azad
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रास्तों के पत्थरों को याद रखना चाहिए लौटने में फिर कभी दुश्वारियाँ होंगी नहीं
Khalid Azad
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सब के सब असबाब यहाँ पे रक्खे हैं हम को बस तस्वीर से तेरी मतलब है
Khalid Azad
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अब हद से गुज़र जाने का इमकान बहुत है लुटने को अभी इश्क़ में सामान बहुत है आँखों को सहूलत है उसे देख रही हैं इतनी भी सहूलत तो मेरी जान बहुत है
Khalid Azad
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