ajab karishma dikhaya ba-yak qalam us ne hawa chalai samundar ko naqsh-e-ab diya
sherKuch Alfaaz
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सुख़न का जोश कम होता नहीं है वगरना क्या सितम होता नहीं है भले तुम काट दो बाज़ू हमारे क़लम का सर क़लम होता नहीं है
Baghi Vikas
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मैं एक किरदार से बड़ा तंग हूँ क़लमकार मुझे कहानी में डाल ग़ुस्सा निकालना है
Umair Najmi
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न मंज़िलों को न हम रहगुज़र को देखते हैं अजब सफ़र है कि बस हम-सफ़र को देखते हैं
Ahmad Faraz
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दूर इक सितारा है और वो हमारा है आँख तक नहीं लगती कोई इतना प्यारा है छू के देखना उस को क्या अजब नज़ारा है तीर आते रहते थे फूल किस ने मारा है
Kafeel Rana
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गरेबाँ चाक, धुआँ, जाम, हाथ में सिगरेट शब-ए-फ़िराक़, अजब हाल में पड़ा हुआ हूँ
Hashim Raza Jalalpuri
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