अपनी आँखों का नूर खो बैठे जो मिली थी वो हूर खो बैठे
Related Sher
तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ
Fauziya Rabab
97 likes
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
Bashir Badr
111 likes
आँखों को मूँद लेने से ख़तरा न जाएगा वो देखना पड़ेगा जो देखा न जाएगा
Waseem Barelvi
83 likes
इश्क़ अगर बढ़ता है तो फिर झगड़े भी तो बढ़ते हैं आमदनी जब बढ़ती है तो ख़र्चे भी तो बढ़ते हैं माना मंज़िल नहीं मिली है हम को लेकिन रोज़ाना एक क़दम उस की जानिब हम आगे भी तो बढ़ते हैं
Tanoj Dadhich
73 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
More from Afzal Sultanpuri
ख़ुद के जो काम आ नहीं सकते मेरे क्या ख़ाक काम आएँगे
Afzal Sultanpuri
0 likes
उन को लगता है सब तमाशा है वो मोहब्बत जो बे-तहाशा है
Afzal Sultanpuri
0 likes
मोहब्बत में लिया था लोन मैं ने वही किश्तें मुसलसल भर रहा हूँ
Afzal Sultanpuri
1 likes
ख़्वाब मरते नहीं बिखर जाते तुम न मिलते तो यार मर जाते
Afzal Sultanpuri
1 likes
मतलबी लोग मतलबी दुनिया अपने ही बोझ में दबी दुनिया
Afzal Sultanpuri
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Afzal Sultanpuri.
Similar Moods
More moods that pair well with Afzal Sultanpuri's sher.







