बदल तक़दीर जाती है वही इक वक़्त आने पर सँभल जाता है कोई जब कभी ठोकर भी खाने पर
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रास्ते में फिर वही पैरों का चक्कर आ गया जनवरी गुज़रा नहीं था और दिसंबर आ गया
Rahat Indori
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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है
Tehzeeb Hafi
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मत पूछो कितना ग़मगीं हूँ गंगा जी और जमुना जी ज़्यादा तुम को याद नहीं हूँ गंगा जी और जमुना जी अमरोहे में बान नदी के पास जो लड़का रहता था अब वो कहाँ है मैं तो वहीं हूँ गंगा जी और जमुना जी
Jaun Elia
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किताबें बंद कर के जब मैं बिस्तर पर पहुँचता हूँ तुम्हारी याद भी आ कर बगल में लेट जाती है
Bhaskar Shukla
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वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर आदत इस की भी आदमी सी है
Gulzar
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वो मेरा आशियाँ यूँँ सजा के गया जल रही हर शमा' को बुझा के गया
Shivam Mishra
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ज़िन्दगी हमें जब उलझन तमाम देती है मौत चैन का फिर दे इक पयाम देती है
Shivam Mishra
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ऐ ज़माने मुझे यूँँ न बदनाम कर हो सके तो मुझे उन के ही नाम कर
Shivam Mishra
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सब को हैरत रही उन के दीदार से हम को ज़ख़्मी किया अपने किरदार से हाल पूछो तो है ख़ैरियत सब यहाँ हैं मगर याद में उन के बीमार से
Shivam Mishra
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जो था क़िस्मत में मेरी वो मिला मुझ को न शिकवा है किसी से नइँ गिला मुझ को
Shivam Mishra
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