badan ki aanch se sanwla gae hain pairahan main phir bhi subh ke chehre pe sham likhta hun
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं
Umair Najmi
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बीच सड़क इक लाश पड़ी थी और ये लिक्खा था भूक में ज़हरीली रोटी भी मीठी लगती है
Bekal Utsahi
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वो थे जवाब के साहिल पे मुंतज़िर लेकिन समय की नाव में मेरा सवाल डूब गया
Bekal Utsahi
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जिस की हर शाख़ पे राधाएँ मचलती होंगी देखना कृष्ण उसी पेड़ के नीचे होंगे
Bekal Utsahi
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जब से वो समुंदर पार गया गोरी ने सँवरना छोड़ दिया
Bekal Utsahi
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