बीतता वक़्त इक ख़जाना है क्या नया साल क्या पुराना है
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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क्या बोला मुझे ख़ुद को तुम्हारा नहीं कहना ये बात कभी मुझ सेे दुबारा नहीं कहना ये हुक़्म भी उस जान से प्यारे ने दिया है कुछ भी हो मुझे जान से प्यारा नहीं कहना
Ali Zaryoun
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साँस लेने के भी पैसे देने होंगे इस क़दर महँगाई बढ़ती जा रही है
Shubham Rai 'shubh'
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तजरबा बस तुम्हें है जीने का हम ने तो ज़िंदगी गँवाई है दस्त के आप ही मुसाफ़िर हो ख़ाक हम ने कहाँ उड़ाई है
Shubham Rai 'shubh'
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सब हो ये वक़्त-ए-रुख़्सत न हो हो मुलाक़ात आफ़त न हो तुम तसव्वुर में आती रहो दिल लगे तुम सेे नफ़रत न हो
Shubham Rai 'shubh'
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कहाँ अकेले कोई राह चलता है कई निगाहें उस के साथ चलती हैं
Shubham Rai 'shubh'
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मोहब्बत में अगर चलती सिफ़ारिश मियाँ हम आशिक़-ए-बदनाम होते
Shubham Rai 'shubh'
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