साँस लेने के भी पैसे देने होंगे इस क़दर महँगाई बढ़ती जा रही है
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छू लेने दो नाज़ुक होंठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये क़ुदरत ने जो हम को बख़्शा है, वो सब सेे हसीं ईनाम हैं ये
Sahir Ludhianvi
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पहले थोड़ी मुश्किल होगी आगे लेकिन मंज़िल होगी सब बाराती शाइ'र होंगे मेरी शादी महफ़िल होगी
Tanoj Dadhich
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हद से ज़्यादा भी प्यार मत करना जी हर इक पे निसार मत करना क्या ख़बर किस जगह पे रुक जाए साँस का ए'तिबार मत करना
Qamar Ejaz
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लेता नहीं जो साँस भी इक बार चैन से करता रहा है गुफ़्तगू बीयर की कैन से
nakul kumar
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किस क़दर सह में हुए हैं टूटने के डर से ये आप इन कच्चे घड़ों पर हाथ रख कर देखिए
nakul kumar
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फँसी कश्ती हमारी है दुखों का बोझ भारी है सँभल कर चल रहा हूँ जो दया गिरधर तुम्हारी है
Shubham Rai 'shubh'
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डरावनी है जो तुझ को तिरी क़ज़ा ही न हो न भाग इतना कि अंजाम का पता ही न हो दिखावे की होड़ में क्या मिले नहीं आप से दिखा रहे जैसे कुछ भी अता पता ही न हो
Shubham Rai 'shubh'
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करूँँगा मैं क्या अब बताता नहीं हूँ सो अब पीठ पर ज़ख़्म खाता नहीं हूँ सभी लूट जाए भले आज कल पर किसी दर पे मैं सर झुकाता नहीं हूँ
Shubham Rai 'shubh'
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कहानी तुम्हारी है हीरो हो तुम कहाँ कह रहे हम कि ज़ीरो हो तुम
Shubham Rai 'shubh'
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तजरबा बस तुम्हें है जीने का हम ने तो ज़िंदगी गँवाई है दस्त के आप ही मुसाफ़िर हो ख़ाक हम ने कहाँ उड़ाई है
Shubham Rai 'shubh'
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