bhid tanhaiyon ka mela hai aadmi aadmi akela hai
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
More from Saba Akbarabadi
सौ बार जिस को देख के हैरान हो चुके जी चाहता है फिर उसे इक बार देखना
Saba Akbarabadi
0 likes
ग़लत-फ़हमियों में जवानी गुज़ारी कभी वो न समझे कभी हम न समझे
Saba Akbarabadi
0 likes
इक रोज़ छीन लेगी हमीं से ज़मीं हमें छीनेंगे क्या ज़मीं के ख़ज़ाने ज़मीं से हम
Saba Akbarabadi
0 likes
भीड़ तन्हाइयों का मेला है आदमी आदमी अकेला है
Saba Akbarabadi
0 likes
अपने जलने में किसी को नहीं करते हैं शरीक रात हो जाए तो हम शम्अ' बुझा देते हैं
Saba Akbarabadi
6 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saba Akbarabadi.
Similar Moods
More moods that pair well with Saba Akbarabadi's sher.







