bhuke bachchon ki tasalli ke liye man ne phir pani pakaya der tak
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हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
Shakeel Azmi
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
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वो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया कब का
Javed Akhtar
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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देखा है बिछड़ कर के बिछड़ने का असर भी मुझ पर तो बहुत होता है उस पर नहीं होता
Nawaz Deobandi
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सच बोलने के तौर-तरीक़े नहीं रहे पत्थर बहुत हैं शहर में शीशे नहीं रहे
Nawaz Deobandi
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वो पूछते फिरते हैं मेरे बारे में सब सेे इक मेरा भी शाइ'र है उसे तुम ने सुना क्या?
Nawaz Deobandi
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अंजाम उस के हाथ है आग़ाज़ कर के देख भीगे हुए परों से ही परवाज़ कर के देख
Nawaz Deobandi
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तेरे आने की जब ख़बर महके तेरी ख़ुश्बू से सारा घर महके
Nawaz Deobandi
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