बोलिए फिर क्या लगाऊँ होंठ से मैं लीजिए सिगरेट पीना बंद कल से
Related Sher
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं
Tehzeeb Hafi
306 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
More from Neeraj Neer
वहम होता है कि छूने से सँवर जाएँगी सोचता हूँ जो मुक़द्दर मिरा ज़ुल्फ़ें तेरी
Neeraj Neer
2 likes
न पूछो मुझ सेे कैसी लगती हूँ मैं 'नीर' साड़ी में किसे अच्छे नहीं लगते मिरी जाँ गाने नुसरत के
Neeraj Neer
3 likes
ठीक है मैं फेर लेता हूँ नज़र को तुम भी झुमके से कहो गर्दन न चू में नीरज नीर
Neeraj Neer
0 likes
जाँ हम दोनों साथ में अच्छे लगते हैं देखो शे'र मुकम्मल अच्छा लगता है
Neeraj Neer
28 likes
क्या वाक़ई वो तेरी पाज़ेब की खनक थी ऐसा सुकून तो बस नुसरत के गाने में है
Neeraj Neer
29 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Neeraj Neer.
Similar Moods
More moods that pair well with Neeraj Neer's sher.







