चढ़ चुका रंग जिस पर तेरे प्रेम का होली का रंग उस पर चढ़ेगा नहीं
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बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने
Zia Mazkoor
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वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मैं ने जैसी चाही थी ना वैसी इन में खनखन नइँ जितने प्यारे हाथ हैं तेरे उतने प्यारे कंगन नइँ
Varun Anand
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ज़िन्दगी की उलझनों की फ़िक्र करना छोड़ कर हम तेरी ज़ुल्फों में उलझने की तमन्ना कर रहे हैं
Alankrat Srivastava
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लाख दुनिया की नज़र में हम बुरे बन जाएँ लेकिन अपनी माँ के आँख के तो हम सितारे ही रहेंगे
Alankrat Srivastava
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वो तो सारी आग है चाहे जहाँ से चूम लो, हाँ मगर माथे पे बोसे का मज़ा कुछ और है
Alankrat Srivastava
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मेरा जीवन भी मरण भी राम हैं और आख़िर में शरण भी राम हैं
Alankrat Srivastava
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उन्हें दरिया कभी चंदा कभी संसार दिखता है, मैं आशिक़ हूँ मुझे आँखों में केवल प्यार दिखता है।
Alankrat Srivastava
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